सम्पादकीय

जमही टोल प्लाजा पर युवा कांग्रेस का प्रदर्शन: स्थानीय लोगों के लिए टोल छूट की मांग

छत्तीसगढ़ के बालोद-दल्लीराजहरा मार्ग पर स्थित जमही टोल प्लाजा पर शुल्क वसूली शुरू होने के साथ ही विवाद गहरा गया है। युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रत्याशी प्रशांत बोकड़े का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे टोल प्लाजा मैनेजर से तीखी बहस करते और स्थानीय लोगों को टोल में छूट न मिलने पर 72 घंटे के भीतर तोड़फोड़ की चेतावनी देते दिख रहे हैं। बोकड़े ने मैनेजर से कहा कि वे कलेक्टर या आईएएस-आईपीएस अधिकारी नहीं हैं, इसलिए जनप्रतिनिधियों से खड़े होकर बात करें। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क का काम पूरा हुए बिना ही टोल वसूली शुरू कर दी गई है, जिससे आसपास के गांवों और बालोद-दल्लीराजहरा के बीच रोजाना आने-जाने वाले लोगों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

सम्पादकीय

बस्तर में चक्रवाती तूफान का खतरा: भारी बारिश और बाढ़ की आशंका, रहें सतर्क

उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में संभावित भीषण चक्रवाती तूफान के मद्देनजर बस्तर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। भारी बारिश और बाढ़ की आशंका को देखते हुए कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देशन में राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। संभावित खतरे वाले गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है और उन्हें नदी-नालों से दूर रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है। आपात स्थिति से निपटने के लिए 18 से अधिक राहत शिविर तैयार किए गए हैं और एनडीआरएफ, एसडीआरएफ सहित बचाव दल पूरी तरह मुस्तैद हैं।

सम्पादकीय

दुर्ग में बधाई विवाद से फैली बच्चा चोर की अफवाह, पांच महिलाओं को भीड़ ने पीटा

दुर्ग जिले के पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र अंतर्गत नंदौरी गांव में पांच महिलाओं के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। यह घटना बच्चा चोर होने की अफवाह फैलने के बाद हुई, लेकिन इसका मूल कारण बधाई मांगने को लेकर हुआ विवाद बताया जा रहा है। महिलाएं एक ऑटो में सवार होकर गांव में बधाई या आर्थिक सहायता मांगने पहुंची थीं, जिस दौरान पैसे देने को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। इसके बाद गांव में बच्चा चोर की अफवाह फैल गई और ग्रामीणों ने महिलाओं को बाजार में घेरकर पीटा। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है।

सम्पादकीय

सितंबर की बाढ़ के बाद अब चक्रवात अर्नब का खतरा, बस्तर में 15 करोड़ की धान फसल दांव पर

बस्तर जिले में किसानों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सितंबर की भीषण बाढ़ से हुए नुकसान से अभी किसान उबर भी नहीं पाए थे कि अब चक्रवाती तूफान अर्नब और ओडिशा के खातीगुड़ा बांध से छोड़े जा रहे पानी ने नई आफत खड़ी कर दी है। मौसम विभाग ने भारी बारिश और 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है, जिससे खेतों में पककर तैयार खड़ी 15 करोड़ रुपये की धान की फसल पर बर्बादी का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने संभावित खतरे को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया है और राहत शिविर तैयार किए जा रहे हैं, लेकिन किसान संघ का कहना है कि सितंबर की बाढ़ का मुआवजा भी अब तक नहीं मिला है, जिससे अन्नदाता पूरी तरह बेबस महसूस कर रहा है। इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे तटीय इलाकों में जलभराव की आशंका है।

सम्पादकीय

छत्तीसगढ़ की कोसा बुनाई को संजीवनी, रायपुर में ‘कोसाला एक्सपीरियंस सेंटर’ से कौशल विकास को बल

छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कोसा रेशम बुनाई को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हिंडाल्को इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड की सामाजिक विकास पहल कोसाला ने रायपुर में ‘ताना-बाना समारोह’ का आयोजन किया। इसी अवसर पर ‘कोसाला एक्सपीरियंस सेंटर’ का भी शुभारंभ किया गया, जो कोसा की यात्रा, कारीगर समुदायों के साथ कोसाला के काम और आजीविका से जुड़ी पहलों के असर को करीब से अनुभव करने का मंच है। यह केंद्र केवल शिल्प उत्पादों के प्रदर्शन का स्थान नहीं है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कौशल विकास, मूल्य श्रृंखला की मजबूती और बाजार तक पहुँच से पारंपरिक ज्ञान कैसे आर्थिक अवसरों में बदल सकता है। कोसाला छत्तीसगढ़ के 18 गाँवों में 1, 100 से अधिक कारीगरों को क्षमता निर्माण और तकनीकी प्रशिक्षण के माध्यम से सशक्त बना रहा है, जिसमें देवरी और करमंदा जैसे गाँवों में महिलाओं को हाथ की कढ़ाई और कोसा बुनाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

सम्पादकीय

बेमेतरा ओपन जेल सुरक्षा और जेलों में भर्ती में देरी पर हाईकोर्ट सख्त, अधिकारियों से मांगा हलफनामा

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य की जेलों में खाली पदों पर भर्ती में हो रही देरी और बेमेतरा के पथर्रा गांव स्थित ओपन जेल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस केआर महापात्र की डिवीजन बेंच ने इस मामले की सुनवाई करते हुए भर्ती प्रक्रिया की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त की है। कोर्ट ने डीजी जेल से शपथपत्र के माध्यम से यह बताने को कहा है कि जेलों में रिक्त पदों पर भर्ती कब तक पूरी होगी। वहीं, ओपन जेल की सुरक्षा के लिए पुलिस बल की उपलब्धता को लेकर डीजीपी से भी जवाब तलब किया गया है। मामले की अगली सुनवाई 26 नवंबर को निर्धारित की गई है, जिसमें महत्वपूर्ण फैसले की उम्मीद है।

सम्पादकीय

दुर्ग में ईडी की अचानक कार्रवाई, ट्रांसपोर्ट कारोबारी के ठिकानों पर सुरक्षा घेरा

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तड़के बड़ी कार्रवाई करते हुए ट्रांसपोर्ट कारोबारी गुलशन बघेल के ठिकानों पर छापा मारा है। ईडी की टीम ने बघेल के घर और उनके कॉर्पोरेट दफ्तर में दबिश दी, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। गुलशन बघेल ऋषभ ग्रीन सिटी की सातवीं मंजिल पर रहते हैं और बघेल कॉर्पोरेट प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनी का संचालन करते हैं। फिलहाल, कार्रवाई की वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक यह मामला वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा हो सकता है।

सम्पादकीय

स्मृति ईरानी दिल्ली रवाना, छत्तीसगढ़ भाजपा नेताओं को दिया ‘होमवर्क’, 2028 पर नजर

छत्तीसगढ़ भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी ने अपने दो दिवसीय दौरे के बाद 26 अक्टूबर की देर शाम दिल्ली के लिए प्रस्थान किया। इस दौरान उन्होंने राजधानी रायपुर में मंत्रियों, सांसदों और विधायकों सहित विभिन्न भाजपा पदाधिकारियों के साथ गहन बैठकें कीं। इन बैठकों में संगठन की स्थिति, सरकार के कामकाज और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता पर विस्तृत चर्चा हुई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी ने मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा की और कुछ विभागों से जुड़ी शिकायतों पर भी चर्चा की। उन्होंने पार्टी नेताओं को अनुशासन का पाठ पढ़ाते हुए 2028 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए, जिसमें कार्यकर्ताओं से संवाद और जनता के बीच सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

सम्पादकीय

राज्य के विकास और कल्याण पर केंद्रित कैबिनेट बैठक, धान खरीदी-डीए मुख्य एजेंडे में

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास में शुरू हो गई है। इस बैठक में धान खरीदी की नीति पर मुहर लगने, कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) पर निर्णय और राज्योत्सव की तैयारियों पर चर्चा होने की संभावना है। लाखों कर्मचारियों की निगाहें इस बैठक पर टिकी हैं, क्योंकि उन्हें अपने हितों से जुड़े बड़े फैसलों की उम्मीद है। धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होकर 31 जनवरी 2027 तक चलेगी, जिसकी नीति पर भी आज फैसला हो सकता है।

सम्पादकीय

बस्तर के संसाधनों के दोहन पर एनएमडीसी से जवाबदेही, जनहित के मुद्दे

बस्तर की खनिज संपदा का दोहन करने वाले एनएमडीसी से अब स्थानीय विकास और रोजगार को लेकर सवाल पूछे जा रहे हैं। बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के मुख्य संयोजक नवनीत चांद ने एनएमडीसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए स्थानीय युवाओं को रोजगार और प्रभावित परिवारों को मिलने वाले लाभ का हिसाब मांगा है। चांद ने छत्तीसगढ़ गठन के बाद 26 वर्षों में बस्तर में बढ़ी औद्योगिक गतिविधियों के बावजूद स्थानीय जनता तक वास्तविक विकास लाभ न पहुंचने पर चिंता जताई। उन्होंने एनएमडीसी से स्थानीय भर्ती, नियमित रोजगार, ठेका श्रमिकों की स्थिति और स्थानीय कारोबारियों को मिले अवसरों का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की।