सम्पादकीय

बालोद हत्याकांड: पुलिस जांच ने खोली ससुर की मौत का राज, बहू और प्रेमी को आजीवन कारावास

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक बहू और उसके प्रेमी को ससुर की हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। प्रेमी हारमोनियम सिखाने के बहाने अक्सर रात में घर आता था, जिस पर ससुर को आपत्ति थी। इसी विरोध के चलते दोनों ने मिलकर ससुर को करंट लगाकर मौत के घाट उतार दिया था। हत्या के बाद आरोपियों ने इसे एक सामान्य दुर्घटना दिखाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों के संदेह और पुलिस की गहन जांच से पूरा मामला सामने आ गया। कोर्ट ने हत्या के 15 महीने बाद दोनों दोषियों को सजा सुनाई।

सम्पादकीय

जशपुर में भाजपा ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान को लेकर कसी कमर

भारतीय जनता पार्टी, जशपुर ने “लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ” अभियान के अंतर्गत जिला कार्यसमिति की बैठक आयोजित की। इस अभियान के तहत 4 नवंबर को जशपुर में एक विशाल पदयात्रा निकाली जाएगी, जिसका उद्देश्य लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक मर्यादाओं के प्रति जनजागरण करना है। बैठक में कांग्रेस की राजनीतिक कार्यशैली पर निशाना साधा गया और कार्यकर्ताओं को अभियान को प्रभावी बनाने का आह्वान किया गया।

सम्पादकीय

‘अर्नब’ तूफान से रेल यातायात बाधित, बस्तर क्षेत्र में कई ट्रेनों पर पड़ा सीधा असर।

चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के बस्तर क्षेत्र में संभावित असर को देखते हुए रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर पांच ट्रेनों को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है, जबकि दो अन्य ट्रेनों का सफर बीच रास्ते में ही समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। यह बदलाव 28 से 30 अक्टूबर तक अलग-अलग तारीखों में प्रभावी रहेंगे, जिससे कई रेल मार्गों पर यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।

सम्पादकीय

बस्तर संभाग में चक्रवाती तूफान का असर, 4 जिलों में स्कूलों में एहतियाती अवकाश

बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान के खतरे को देखते हुए बस्तर संभाग में अलर्ट जारी किया गया है। भारी बारिश की आशंका के मद्देनजर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने कई जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। नारायणपुर जिले में 28 और 29 अक्टूबर को सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों में छुट्टी रहेगी। वहीं, बस्तर और सुकमा जिलों में 28 अक्टूबर को स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है, जबकि दंतेवाड़ा में मंगलवार को ही अवकाश घोषित कर दिया गया था।

सम्पादकीय

छत्तीसगढ़ का कुंवरगढ़: जहां इतिहास, आस्था और एकता की सदियों पुरानी गाथाएं जीवित हैं

छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के धरसींवा क्षेत्र में स्थित कूंरा गांव को अब उसके ऐतिहासिक नाम कुंवरगढ़ से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस नाम परिवर्तन को मंजूरी दी गई है। यह गांव अपनी अनूठी पहचान के लिए जाना जाता है, जिसमें कभी 100 से अधिक तालाब, गोंड राजा के समय का महामाया मंदिर, बौद्धकालीन मानी जाने वाली चतुर्भुजी प्रतिमा और मंदिर-मस्जिद की जुड़ी दीवारों के रूप में सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल शामिल है। हालांकि, संरक्षण के अभाव में कई ऐतिहासिक धरोहरें खतरे में हैं। ग्रामीणों के अनुसार, कभी 100 से अधिक तालाबों वाले इस गांव में अब लगभग 50 ही बचे हैं। सरकार की इस पहल से कुंवरगढ़ को उसकी ऐतिहासिक पहचान तो मिली है, लेकिन अब इन प्राचीन जलस्रोतों, धार्मिक स्थलों और कलाकृतियों के व्यवस्थित संरक्षण और दस्तावेजीकरण की बड़ी चुनौती सामने है ताकि इस समृद्ध विरासत को बचाया जा सके।

सम्पादकीय

छत्तीसगढ़ कैबिनेट की बड़ी सौगात: 400 यूनिट तक बिजली बिल राहत बढ़ी, 360 नए धान खरीदी केंद्र खुलेंगे

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में किसानों, सरकारी कर्मचारियों और आम लोगों से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इन फैसलों में बिजली बिल में 400 यूनिट तक मिल रही राहत को 31 मार्च 2027 तक जारी रखने का प्रावधान शामिल है। इसके अतिरिक्त, खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होगी, जिसमें किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा जाएगा और 360 नए केंद्र खोले जाएंगे। सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।

सम्पादकीय

अन्नदाता गर्जना रैली: छत्तीसगढ़ के किसान बोले- 6066 करोड़ बकाया दो, 3358 रुपये में धान खरीदो

छत्तीसगढ़ में किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में किसानों ने नया रायपुर में ‘अन्नदाता गर्जना रैली’ निकालकर 6, 066 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान और 3, 358 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदी की मांग की है। किसानों ने महानदी भवन के घेराव का आह्वान किया है और दावा किया है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों किसान इस प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं। आंदोलन का अगला चरण 28 अक्टूबर को धमतरी में होगा।

सम्पादकीय

छत्तीसगढ़ कैबिनेट के ऐतिहासिक निर्णय: किसानों, कर्मचारियों और आम जनता को बड़ी सौगात

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 27 अक्टूबर 2026 को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार ने 19 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। इन फैसलों में किसानों के लिए 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को मार्च 2027 तक बिजली बिल में रियायत जारी रखना और राज्य के शासकीय कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करना शामिल है। कैबिनेट ने राज्य में अधोसंरचना, पर्यटन और खेल विकास के लिए नए मिशन शुरू करने, 8000 करोड़ रुपये की कटघोरा-डोंगरगढ़ रेल परियोजना को मंजूरी देने और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने जैसे कई अहम निर्णय भी लिए। इन घोषणाओं से राज्य के विभिन्न वर्गों को लाभ मिलने और विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।

सम्पादकीय

अंबिकापुर को मिली रायपुर-हैदराबाद हवाई कनेक्टिविटी की सौगात

सरगुजा संभाग के अंबिकापुर से रायपुर होते हुए हैदराबाद तक नई हवाई सेवा का शुभारंभ हो गया है। इस महत्वपूर्ण पहल के साथ, लंबे समय से प्रतीक्षित हवाई कनेक्टिविटी का इंतजार खत्म हो गया है, जिससे क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार के नए अवसर खुलने की उम्मीद है। पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने दरिमा स्थित मां महामाया एयरपोर्ट से एलायंस एयर की पहली फ्लाइट में 20 यात्रियों के साथ रायपुर के लिए उड़ान भरी। उन्होंने इस सेवा को आम लोगों के लिए सुविधाजनक बताया और सभी से इसका अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।

सम्पादकीय

CGPSC की मनमानी पर हाईकोर्ट का चाबुक, आंसर शीट से 4 पन्ने गायब होने पर 50 हजार का दंड

बिलासपुर हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना राज्य सेवा मुख्य परीक्षा की एक अभ्यर्थी की उत्तरपुस्तिका से चार पन्ने गायब मिलने के मामले में लगाया गया है। कोर्ट ने आयोग के परीक्षक और संबंधित अधिकारी को तीन महीने के भीतर अभ्यर्थी को मुआवजा देने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति पीपी साहू की एकल पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए माना कि आयोग को गड़बड़ी की जानकारी होने के बावजूद अभ्यर्थी को समय पर सूचित नहीं किया गया और न ही जिम्मेदार व्यक्ति का पता लगाने के लिए जांच पूरी की गई। कोर्ट ने आयोग की निष्क्रियता के कारण अभ्यर्थी को हुई मानसिक परेशानी और कानूनी खर्चों को देखते हुए यह आदेश दिया है।