कृषि मंत्री ने दी जानकारी: छत्तीसगढ़ में गन्ना 425 रुपए प्रति क्विंटल, धान खरीदी 15 नवंबर से

छत्तीसगढ़ सरकार ने गन्ना उत्पादक किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए गन्ने का खरीदी मूल्य बढ़ा दिया है। अब किसानों को 355 रुपए प्रति क्विंटल के बजाय 425 रुपए प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा, जिससे प्रति क्विंटल 70 रुपए का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने दावा किया है कि यह पूरे देश में गन्ने का सर्वाधिक खरीदी मूल्य है। इसके साथ ही, प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीदी की तैयारियां भी तेज हो गई हैं, जो 15 नवंबर से शुरू होगी। सरकार किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदेगी। किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित करने हेतु प्रोत्साहन राशि भी 11 हजार से बढ़ाकर 15 हजार रुपए प्रति एकड़ की जाएगी।

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के गन्ना उत्पादक किसानों को बड़ी राहत देते हुए गन्ने के खरीदी मूल्य में महत्वपूर्ण वृद्धि की घोषणा की है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने जानकारी दी कि अब गन्ना किसानों को 355 रुपए प्रति क्विंटल के स्थान पर 425 रुपए प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा। इस फैसले से किसानों को प्रति क्विंटल 70 रुपए अधिक मिलेंगे, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने इस वृद्धि को किसानों के लिए एक बड़ा तोहफा बताते हुए कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने यह भी दावा किया कि गन्ने का यह नया खरीदी मूल्य पूरे देश में सर्वाधिक है, जो छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी नीतियों को दर्शाता है। हालांकि, बढ़ी हुई दर के भुगतान की प्रक्रिया और इसके लागू होने की विस्तृत जानकारी अभी सामने आना बाकी है।

गन्ना खरीदी मूल्य में वृद्धि के साथ ही, प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीदी की तैयारियां भी जोरों पर हैं। सरकार ने घोषणा की है कि किसानों से धान की खरीदी 15 नवंबर से शुरू की जाएगी।

मंत्री रामविचार नेताम के अनुसार, इस वर्ष किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा जाएगा। प्रत्येक किसान से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी की जाएगी। किसानों को टोकन लेने में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में 360 नए धान उपार्जन केंद्र खोलने की भी जानकारी दी है, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में सुविधा होगी।

सरकार धान के स्थान पर अन्य फसलें लेने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए भी कदम उठा रही है। मंत्री ने बताया कि फसल विविधीकरण के लिए दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को 11 हजार रुपए प्रति एकड़ से बढ़ाकर 15 हजार रुपए प्रति एकड़ किया जाएगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रेरित करना और तिलहन जैसी दूसरी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देना है, ताकि कृषि क्षेत्र में संतुलन और स्थिरता लाई जा सके।

किसानों की पहचान और उनकी जमीन के सत्यापन के लिए एग्रीटेक आईडी का उपयोग किया जा रहा है। बाहरी धान की आवक को रोकने के लिए सरकार बायोमेट्रिक व्यवस्था भी अपना रही है, जिससे केवल वास्तविक किसानों का धान ही खरीदा जा सके। नए उपार्जन केंद्रों की स्थापना से ग्रामीण क्षेत्रों में कर्मचारियों और मजदूरों की भर्ती होगी, जिससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

कृषि मंत्री ने सरकार की अन्य किसान कल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों को अब तक 35, 589 करोड़ रुपए की आदान सहायता प्रदान की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त, 11, 281 करोड़ रुपए सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजे जाने की जानकारी भी दी गई।

सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली को भी मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। जनवरी से एपीएल (गरीबी रेखा से ऊपर) और बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) दोनों श्रेणियों के हितग्राहियों को बिना टूट वाला सुपर फाइन चावल उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है, जिससे खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।