रायगढ़ में एक फाइनेंस कंपनी के कलेक्शन एजेंट को 40 महिला हितग्राहियों से 7 लाख 58 हजार 937 रुपए की धोखाधड़ी के आरोप में हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने लोन की किस्तें और ऋण क्लोज करने के नाम पर यह राशि ली थी, लेकिन उसे कंपनी में जमा करने के बजाय खर्च कर दिया। यह मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है, जहां ब्रांच मैनेजर की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई की।

भारत फाइनेंशियल इनक्लूजन लिमिटेड की रायगढ़ शाखा के वर्तमान मैनेजर वासुदास मानिकपुरी ने 31 अगस्त 2026 को सिटी कोतवाली थाने में इस संबंध में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि कंपनी में कलेक्शन एजेंट के पद पर कार्यरत विक्रम सिंह सिदार ने सितंबर 2023 से अगस्त 2024 के बीच यह धोखाधड़ी की।
विक्रम सिंह सिदार ने 40 महिला हितग्राहियों से उनके लोन की मासिक किस्तें और बकाया ऋण एकमुश्त जमा करने के नाम पर रुपए एकत्र किए। हालांकि, उसने इन रुपयों को कंपनी के खाते में जमा नहीं किया। महिलाओं ने जब अपने खातों में बकाया राशि देखी, तो उन्होंने ब्रांच में लिखित शिकायतें दर्ज कराईं। उनके खातों में कुल 7 लाख 58 हजार 937 रुपए की राशि लंबित दर्ज थी।

धोखाधड़ी का खुलासा होने के बाद, जब आरोपी विक्रम सिंह सिदार से मोबाइल पर संपर्क किया गया, तो उसने शुरुआत में कुछ दिनों में रकम कंपनी में जमा करने का आश्वासन दिया। हालांकि, कुछ समय बाद उसने अपना मोबाइल बंद कर दिया और फरार हो गया।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान, शिकायतकर्ता वासुदास मानिकपुरी और धोखाधड़ी की शिकार हुई महिला हितग्राहियों के बयान दर्ज किए गए। पुलिस ने ग्राहकों के खातों से जुड़े लेजर और पासबुक की सत्यापित छायाप्रतियां भी जब्त कीं, जिनमें 7 लाख 58 हजार 937 रुपए की लंबित राशि स्पष्ट रूप से दर्ज थी।
पुलिस ने आरोपी विक्रम सिंह सिदार (20), जो अमेराडीह, वार्ड क्रमांक 3, पोस्ट पिहरीद, थाना मालखरौदा, जिला सक्ती का निवासी है, के पते पर जांच की, लेकिन वह वहां नहीं मिला। तकनीकी और अन्य माध्यमों से तलाश के दौरान पुलिस को उसके हैदराबाद में होने का पता चला। सूचना मिलते ही पुलिस टीम हैदराबाद के लिए रवाना हुई। वहां बंजारा हिल्स क्षेत्र में गहन तलाश के बाद आरोपी एक कपड़े की दुकान में सेल्समैन के रूप में काम करता हुआ मिला, जिसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
हैदराबाद से हिरासत में लेकर रायगढ़ लाए जाने के बाद, पूछताछ में आरोपी विक्रम सिंह सिदार ने गबन की गई पूरी रकम खर्च कर देने की बात कबूल की। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
