बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर बिलासपुर जिले में भी स्पष्ट रूप से दिख रहा है। बुधवार को दिनभर रिमझिम बारिश हुई और ठंडी हवाएं चलती रहीं, जिससे मौसम में बदलाव महसूस किया गया। गुरुवार को तेज आंधी के साथ बारिश की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर जिले के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है।

चक्रवाती तूफान के प्रभाव से बिलासपुर जिले में बुधवार सुबह से ही आसमान में काली घटाएं छाई रहीं। इस दौरान तेज ठंडी हवाएं लगातार चलती रहीं, जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई। दोपहर बाद जिले के कई हिस्सों में रिमझिम बारिश शुरू हुई, जो दिनभर जारी रही। देर शाम होते-होते बारिश की तीव्रता बढ़ी, जिसके बाद मौसम में और अधिक ठंडक महसूस की गई।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, गुरुवार को चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर बिलासपुर में और अधिक रहने की आशंका है। विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और इसके साथ ही भारी बारिश की भी संभावना है। यह स्थिति संभावित रूप से जनजीवन को प्रभावित कर सकती है।

संभावित अतिवृष्टि और खराब मौसम की आशंका को देखते हुए, कलेक्टर संजय अग्रवाल ने विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। इन निर्देशों के पालन में, जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के सभी स्कूलों में गुरुवार को अवकाश घोषित करने का आदेश जारी किया है। यह निर्णय एहतियात के तौर पर लिया गया है।
जारी आदेश के अनुसार, बिलासपुर जिले के सभी शासकीय और अशासकीय प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल गुरुवार को पूरी तरह से बंद रहेंगे। यह फैसला खराब मौसम के कारण विद्यार्थियों को आवागमन में होने वाली संभावित परेशानियों और अन्य जोखिमों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
जिला प्रशासन ने चक्रवाती तूफान के संभावित प्रभावों से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने सभी संबंधित विभागों को राहत और बचाव कार्यों के लिए अपनी तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को संभावित प्रभावित क्षेत्रों की पहचान करने और वहां आवश्यक इंतजाम पहले से ही सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोगों तक तुरंत और प्रभावी मदद पहुंचाई जा सके।
यह निर्णय विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लिया गया है। खराब मौसम के कारण सड़कों पर आवागमन में बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं और बच्चों के लिए स्कूल पहुंचना या घर लौटना जोखिम भरा हो सकता है। इन सभी आशंकाओं को देखते हुए एक दिन की छुट्टी घोषित की गई है, ताकि सभी सुरक्षित रहें।
