छत्तीसगढ़ कांग्रेस का दिल्ली महारैली के लिए मेगा प्लान, 5 हजार कार्यकर्ताओं को लेकर 30 से ज्यादा बसें रवाना होंगी

दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली कांग्रेस की महारैली में छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे। इसके लिए छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने पहले रेलवे से विशेष ट्रेन उपलब्ध कराने की मांग की थी, लेकिन रेलवे द्वारा इनकार किए जाने के बाद अब पार्टी ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। अब कांग्रेस ने कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचाने के लिए 30 से अधिक लग्जरी बसें बुक की हैं। पार्टी ने इस महारैली में छत्तीसगढ़ से करीब 5 हजार से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं की भागीदारी का लक्ष्य रखा है, जो ‘वोट बचाओ, देश बचाओ जन मार्च और महारैली’ में शामिल होंगे।

दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को आयोजित होने वाली कांग्रेस की महत्वपूर्ण महारैली में छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। इस आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने अपनी यात्रा रणनीति में बदलाव किया है। रेलवे से विशेष ट्रेन उपलब्ध कराने की मांग पूरी नहीं होने के बाद, अब पार्टी ने बसों के माध्यम से अपने कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचाने की व्यापक तैयारी की है।

जानकारी के अनुसार, इस उद्देश्य के लिए 30 से अधिक लग्जरी बसें बुक की गई हैं, जो छत्तीसगढ़ से हजारों कार्यकर्ताओं को दिल्ली ले जाएंगी। कांग्रेस ने इस महारैली में छत्तीसगढ़ से लगभग 5 हजार से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसमें वर्तमान विधायक, पूर्व विधायक, जिला कांग्रेस अध्यक्ष और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में सामान्य कार्यकर्ताओं के भी शामिल होने की योजना है।

दिल्ली में प्रस्तावित इस महारैली के लिए छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने पहले रेलवे से विशेष ट्रेन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। हालांकि, रेलवे की ओर से विशेष ट्रेन देने से इनकार कर दिया गया, जिसके बाद पार्टी को यात्रा के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर विचार करना पड़ा। इसी कारण अब बसों के जरिए कार्यकर्ताओं को दिल्ली ले जाने की तैयारी की जा रही है। इस बदलाव के साथ, पार्टी के सामने इतनी बड़ी संख्या में लोगों को समय पर दिल्ली पहुंचाने की एक महत्वपूर्ण चुनौती भी रहेगी।

दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली इस महारैली को कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने देश में चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों को उठाने के लिए एक प्रमुख आयोजन के रूप में तैयार किया है। इस महारैली को ‘वोट बचाओ, देश बचाओ जन मार्च और महारैली’ नाम दिया गया है, जो इसके मुख्य उद्देश्य को दर्शाता है।

विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अन्य मुद्दों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जिनकी जांच आवश्यक है। कांग्रेस इन आरोपों को लेकर केंद्र सरकार और देश की चुनाव व्यवस्था पर लगातार निशाना साध रही है, और इस महारैली के माध्यम से इन मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का प्रयास कर रही है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस महारैली में शामिल होने के लिए छात्रों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और व्यापारियों सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों से अपील की है। उन्होंने कहा है कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए सभी लोगों को आगे आना चाहिए और इस महत्वपूर्ण आयोजन का हिस्सा बनना चाहिए। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से संबंधित मुद्दों पर सवाल उठाए हैं, जिससे इन विषयों पर बहस और तेज हो गई है।

इस बीच, दिल्ली के कुछ व्यापारियों ने महारैली की तारीख बदलने की मांग की है, जिससे 1 नवंबर को होने वाले इस आयोजन को लेकर राजनीतिक सरगर्मी और तेज हो गई है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस अपने निर्धारित लक्ष्य के अनुसार कितने नेताओं और कार्यकर्ताओं को सफलतापूर्वक दिल्ली पहुंचा पाती है और यह महारैली कितनी प्रभावी साबित होती है।