बस्तर संभाग में चक्रवाती तूफान का असर, 4 जिलों में स्कूलों में एहतियाती अवकाश

बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान के खतरे को देखते हुए बस्तर संभाग में अलर्ट जारी किया गया है। भारी बारिश की आशंका के मद्देनजर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने कई जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। नारायणपुर जिले में 28 और 29 अक्टूबर को सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों में छुट्टी रहेगी। वहीं, बस्तर और सुकमा जिलों में 28 अक्टूबर को स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है, जबकि दंतेवाड़ा में मंगलवार को ही अवकाश घोषित कर दिया गया था।

बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न हो रहे चक्रवाती तूफान के कारण बस्तर संभाग में मौसम को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ गई हैं। इस संभावित चक्रवाती तूफान के प्रभाव से क्षेत्र में भारी बारिश होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके मद्देनजर स्थानीय प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों में अवकाश घोषित करने का निर्णय लिया है। यह कदम विद्यार्थियों को संभावित मौसमी कठिनाइयों से बचाने के लिए उठाया गया है।

नारायणपुर जिले में मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी और ऑरेंज अलर्ट को गंभीरता से लेते हुए, जिला प्रशासन ने 28 और 29 अक्टूबर को सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों में अवकाश की घोषणा की है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय भारी बारिश की प्रबल संभावना को देखते हुए लिया गया है, ताकि स्कूली बच्चों को किसी भी प्रकार की असुविधा या खतरे से बचाया जा सके।

इसी क्रम में, बस्तर जिले में भी चक्रवाती तूफान और अत्यधिक वर्षा की आशंका के मद्देनजर 28 अक्टूबर को सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त प्राथमिक, माध्यमिक, हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में छुट्टी रहेगी। यह सुनिश्चित किया गया है कि सभी स्तर के विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि रहे और उन्हें खराब मौसम के कारण स्कूल आने-जाने में कोई परेशानी न हो।

सुकमा जिले में भी 28 अक्टूबर को सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला परियोजना अधिकारी, समग्र शिक्षा की ओर से जारी आदेश में विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा को ही इस महत्वपूर्ण निर्णय का मुख्य आधार बनाया गया है। प्रशासन का उद्देश्य है कि बच्चे सुरक्षित रहें और उन्हें खराब मौसम के जोखिमों से बचाया जा सके।

बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिले में भी पहले ही एहतियाती कदम उठाए जा चुके हैं। दंतेवाड़ा में मंगलवार को ही स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई थी। इस प्रकार, चक्रवाती तूफान और भारी बारिश की आशंका के बीच बस्तर संभाग के कुल चार जिलों – नारायणपुर, बस्तर, सुकमा और दंतेवाड़ा – में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक एहतियाती उपाय किए गए हैं।

प्रशासन का मुख्य जोर बच्चों की सुरक्षा पर है, क्योंकि बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान के प्रभाव से मौसम के बिगड़ने और भारी बारिश होने की आशंका व्यक्त की गई है। ऐसे में, स्कूल आने-जाने के दौरान बच्चों को संभावित परेशानियों और खतरों से बचाने के लिए यह अवकाश घोषित किया गया है। मौसम की वर्तमान और आगामी स्थिति को देखते हुए, स्थानीय निवासियों और आम जनता को भी सतर्क रहने तथा आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।