छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसके तहत गोवर्धन पूजा के अवसर पर अब ऐच्छिक अवकाश की बजाय सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। इस नए फैसले के परिणामस्वरूप, 9 नवंबर को पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में सभी सरकारी कार्यालयों और संस्थानों में सार्वजनिक अवकाश रहेगा। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने इस संबंध में एक संशोधित अधिसूचना जारी कर दी है, जिससे यह सुनिश्चित हो गया है कि यह पर्व अब सभी के लिए एक समान अवकाश का दिन होगा।

यह बदलाव राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत और सुविधा लेकर आया है। पहले गोवर्धन पूजा के दिन केवल ऐच्छिक छुट्टी का प्रावधान था, जिसका अर्थ था कि कर्मचारी अपनी व्यक्तिगत इच्छा और उपलब्ध ऐच्छिक अवकाश कोटे के आधार पर ही इस दिन अवकाश ले सकते थे। इस प्रणाली में कई बार कर्मचारियों को छुट्टी लेने में असुविधा होती थी, लेकिन अब नए आदेश के बाद, 9 नवंबर को सभी सरकारी दफ्तर और संस्थान अनिवार्य रूप से बंद रहेंगे।
राज्य सरकार ने अपने पूर्व में जारी किए गए आदेश को पूरी तरह से निरस्त करते हुए यह नया निर्णय लिया है। पिछला आदेश 6 नवंबर 2025 को जारी किया गया था, जिसमें आगामी 9 नवंबर 2026 को गोवर्धन पूजा के लिए ऐच्छिक छुट्टी घोषित की गई थी। यह ऐच्छिक छुट्टी राज्य की अवकाश सूची में क्रमांक 50 पर दर्ज थी। अब सरकार ने इस पुराने प्रावधान को संशोधित कर इसे सार्वजनिक अवकाश में बदल दिया है, जिससे प्रदेश के सभी सरकारी कर्मचारियों को बिना किसी शर्त के इस पर्व का अवकाश मिलेगा।

इस महत्वपूर्ण निर्णय से प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों में व्यापक स्तर पर खुशी का माहौल है। अब उन्हें गोवर्धन पूजा जैसे महत्वपूर्ण त्योहार को मनाने के लिए अपने ऐच्छिक अवकाश कोटे से छुट्टी चुनने की आवश्यकता नहीं होगी। यह सुनिश्चित करेगा कि हर कर्मचारी इस पारंपरिक पर्व को अपने परिवार और समुदाय के साथ पूरे उत्साह और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ मना सके। प्रशासन ने इस संबंध में सभी संबंधित विभागों और कार्यालयों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी भेज दिए हैं, ताकि नए आदेश का सुचारू रूप से पालन हो सके।
छत्तीसगढ़ में गोवर्धन पूजा का त्योहार अत्यंत धूमधाम और गहरी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है, जो यहां की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग है। इसे स्थानीय संस्कृति में ‘गौठान दिवस’ और ‘मातर उत्सव’ जैसे विभिन्न नामों से भी जाना जाता है, जो इसकी क्षेत्रीय महत्ता को दर्शाता है। इस विशेष दिन पर, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में, पशुधन की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है और उन्हें पारंपरिक रूप से खिचड़ी खिलाई जाती है, जो इस पर्व की एक महत्वपूर्ण और पवित्र परंपरा है।
सरकार के इस फैसले का मूल उद्देश्य प्रदेश की जीवंत लोक संस्कृति, प्राचीन परंपराओं और ग्रामीण पर्वों को संरक्षण प्रदान करना और उन्हें बढ़ावा देना है। गोवर्धन पूजा को सार्वजनिक अवकाश घोषित करके, सरकार ने इन सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति अपना गहरा सम्मान व्यक्त किया है और यह सुनिश्चित किया है कि कर्मचारी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहें और इन पर्वों को पूरे मन से मना सकें। यह निर्णय सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सार्वजनिक अवकाश घोषित होने से राज्य के कर्मचारी अपने पैतृक गांवों और गृह नगरों में जाकर पारंपरिक अनुष्ठानों और रीति-रिवाजों में सक्रिय रूप से शामिल हो सकेंगे। इसके अतिरिक्त, सरकारी गोठानों में आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रमों में भी स्थानीय जनप्रतिनिधि और आम नागरिक बड़ी संख्या में भाग ले सकेंगे, जिससे सामुदायिक भागीदारी और सांस्कृतिक जुड़ाव और मजबूत होगा। यह निर्णय न केवल कर्मचारियों को लाभ पहुंचाएगा, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक एकता और सामाजिक सौहार्द को भी बढ़ावा देगा।
