2 नवंबर से छत्तीसगढ़ में राज्योत्सव, मंत्री-सांसद की मौजूदगी में 3 दिन रोशन रहेंगे सरकारी भवन

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 2 नवंबर से प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में राज्योत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में विभिन्न जिलों में मंत्री, सांसद और विधायक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस वर्ष राज्योत्सव की थीम ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ रखी गई है। राज्योत्सव के अवसर पर 1 से 3 नवंबर तक सभी जिला मुख्यालयों में सरकारी भवनों को विशेष रोशनी से सजाया जाएगा। कार्यक्रमों में सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी, साथ ही स्थानीय कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे और हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में 2 नवंबर से राज्योत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। राज्य शासन ने इन कार्यक्रमों के लिए मुख्य अतिथियों की सूची जारी कर दी है, जिसमें विभिन्न जिलों में मंत्री, सांसद और विधायक शामिल होंगे। इस वर्ष राज्योत्सव की थीम ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ रखी गई है, जो महिला सशक्तिकरण और युवा ऊर्जा को समर्पित है।

इन आयोजनों के दौरान सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की विस्तृत प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जिससे आम जनता को शासन की उपलब्धियों की जानकारी मिल सके। स्थानीय कलाकार अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला और संस्कृति को प्रदर्शित करेंगी। साथ ही, शासन की कल्याणकारी योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को भी लाभान्वित किया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने 27 अक्टूबर को इन कार्यक्रमों के लिए मुख्य अतिथियों के निर्धारण का आदेश जारी किया है। जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे मुख्य अतिथियों से परामर्श कर कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करें और आयोजन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।

जशपुर में श्याम बिहारी जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, जांजगीर-चांपा में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, बिलासपुर में उप मुख्यमंत्री अरुण साव और दुर्ग में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि होंगे।

रायगढ़ में वित्त मंत्री ओपी चौधरी, सरगुजा में रामविचार नेताम, कांकेर में केदार कश्यप, कोरबा में लखनलाल देवांगन और बीजापुर में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब को मुख्य अतिथि की जिम्मेदारी दी गई है। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में दयालदास बघेल, सूरजपुर में लक्ष्मी राजवाड़े, गरियाबंद में टंकराम वर्मा और राजनांदगांव में गजेंद्र यादव भी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

सांसदों को भी विभिन्न जिलों में मुख्य अतिथि की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बलौदाबाजार-भाटापारा में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, बेमेतरा में विजय बघेल, कबीरधाम में संतोष पांडेय, बलरामपुर-रामानुजगंज में चिंतामणि महाराज और महासमुंद में रूपकुमारी चौधरी मुख्य अतिथि होंगे।

सारंगढ़-बिलाईगढ़ में राधेश्याम राठिया, सक्ती में कमलेश जांगड़े, दंतेवाड़ा में महेश कश्यप, बालोद में भोजराज नाग, सुकमा में देवेंद्र प्रताप सिंह और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में लक्ष्मी वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं, कोरिया में विधायक भैयालाल राजवाड़े, मुंगेली में पुन्नूलाल मोहले, धमतरी में अजय चंद्राकर, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में रेणुका सिंह और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में अमर अग्रवाल मुख्य अतिथि होंगे। कोंडागांव में लता उसेंडी, नारायणपुर में विक्रम उसेंडी और बस्तर में किरण देव को भी मुख्य अतिथि की जिम्मेदारी दी गई है।

राज्योत्सव के अवसर पर 1 से 3 नवंबर तक सभी जिला मुख्यालयों में स्थित सरकारी भवनों को विशेष रोशनी से सजाया जाएगा। इस सजावट की व्यवस्था संबंधित विभाग अपने बजट से करेंगे। कार्यक्रम स्थलों पर विभागीय उपलब्धियों, महत्वपूर्ण योजनाओं और सफल परियोजनाओं की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिससे जनता को सरकार के कार्यों की जानकारी मिल सके।

जिला स्तर पर स्थानीय कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे, जो आयोजन की शोभा बढ़ाएंगे। शासन ने इन आयोजनों की गरिमा बनाए रखने और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए भी विशेष निर्देश जारी किए हैं।