सम्पादकीय

चक्रधर चैंपियंस ने सेमीफाइनल की ओर बढ़ाए कदम, न्यायधानी नाइट्स ने भी बरकरार रखी जीत की लय

रायपुर में 24 अक्टूबर 2026 को छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के 5वें मैच में न्यायधानी नाइट्स ने संस्कारधानी स्ट्राइकर्स को 5-3 से हराया। दिन के पहले मैच में चक्रधर चैंपियंस ने राजधानी रॉयल्स को 4-3 से हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह मजबूत की। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लगातार दूसरे दिन मैच देखा और खिलाड़ियों को पुरस्कार दिए।

सम्पादकीय

प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी की सीमा तय, छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से मिलेगा ₹3100 समर्थन मूल्य

छत्तीसगढ़ में किसानों से धान खरीदी का अभियान 15 नवंबर 2026 से शुरू होकर 31 जनवरी 2027 तक चलेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दुर्ग पंडवानी महासम्मेलन में घोषणा की कि राज्य सरकार इस वर्ष 3100 रुपए प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर धान खरीदेगी। इस सीजन के लिए कुल 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है, जो पिछले वर्ष के 140 लाख मीट्रिक टन के मुकाबले 20 लाख मीट्रिक टन अधिक है। पंजीकृत किसानों से प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान खरीदा जाएगा।

सम्पादकीय

स्मृति ईरानी छत्तीसगढ़ में खंगालेंगी मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड, हारी सीटों पर बनेगी नई रणनीति

भारतीय जनता पार्टी की नई छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी अपने पहले दौरे पर 25 और 26 अक्टूबर को राज्य में रहेंगी। इस दौरान वे सरकार और संगठन के कामकाज की गहन समीक्षा करेंगी, जिसमें मंत्रियों के विभागीय प्रदर्शन और संगठन का जमीनी फीडबैक प्रमुखता से शामिल होगा। ईरानी का मुख्य ध्यान 2023 के विधानसभा चुनाव में पार्टी द्वारा हारी गई 36 सीटों पर रहेगा। इन क्षेत्रों में संगठन की स्थिति, बूथ समितियों की सक्रियता और पन्ना प्रमुखों की भूमिका का विस्तृत आकलन किया जाएगा ताकि आगामी 2028 के चुनावों से पहले सुधार के आवश्यक क्षेत्रों की पहचान की जा सके।

सम्पादकीय

जशपुर में सरकार की आवास योजना से 97 हजार से अधिक परिवारों को मिला स्थायी निवास

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना और पीएम-जनमन अभियान के तहत 97 हजार से अधिक परिवारों को पक्के मकान मिले हैं। इन योजनाओं से न केवल सुरक्षित आवास मिला है, बल्कि स्वच्छ पेयजल, बिजली और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ हजारों परिवारों के जीवन में खुशहाली और स्थिरता आई है। आवास प्लस 2.0 के तहत छूटे हुए 1 लाख से अधिक परिवारों का भी सर्वेक्षण किया गया है, जिन्हें जल्द ही लाभ मिलेगा।

सम्पादकीय

भिलाई स्टील प्लांट पर सियासी संग्राम: भूपेश बघेल और विजय बघेल के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप

छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) के निजीकरण और अडानी समूह द्वारा इसे खरीदने की अटकलों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और भाजपा सांसद विजय बघेल के बीच तीखी जुबानी जंग छिड़ गई है। विजय बघेल ने भूपेश बघेल को अडानी का पीए और पीआरओ बताया, जिस पर भूपेश बघेल ने सांसद की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए उन्हें इलाज कराने की सलाह दी। यह विवाद भूपेश बघेल की उस आशंका से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने अडानी के प्लांट दौरे की आड़ में बीएसपी को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी का आरोप लगाया था। हालांकि, बीएसपी प्रबंधन और इस्पात मंत्रालय ने इन खबरों का खंडन किया, लेकिन भूपेश बघेल ने प्रबंधन के खंडन पर सवाल उठाए।

सम्पादकीय

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में गहराया शोक: रेण नदी में डूबे एक ही परिवार के चार सदस्य

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहां रेण नदी में डूबने से एक ही परिवार के चार सदस्यों की दुखद मौत हो गई। मृतकों में पिता, उनका बेटा और दो भतीजे शामिल हैं। यह घटना बिश्रामपुर थाना क्षेत्र के सरस्वतीपुर गांव में शनिवार सुबह उस समय हुई जब सभी नदी में स्नान करने गए थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बच्चे गहरे पानी में चले गए थे, जिन्हें बचाने के प्रयास में पिता ने भी नदी में छलांग लगा दी, लेकिन दुर्भाग्यवश सभी गहरे पानी में समा गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस की मदद से बचाव कार्य शुरू किया गया, जिसके बाद सभी शवों को नदी से बाहर निकाला जा सका।

सम्पादकीय

अंतरराष्ट्रीय आत्महत्या रोकथाम दिवस : दुनिया में हर साल 7 लाख से भी अधिक लोग कर लेते हैं आत्महत्या

विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस की स्थापना 2003 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के साथ मिलकर आत्महत्या रोकथाम के लिए अंतरराष्ट्रीय संघ द्वारा की गई थी. प्रत्येक वर्ष 10 सितंबर को इस मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करने, कलंक को कम करने और संगठनों, सरकारों और जनता के बीच जागरूकता बढ़ाने का लक्ष्य रखा जाता है

सम्पादकीय

जानें क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय वन शहीद दिवस, कौन थीं अमृता देवी बिश्नोई

क्यों महत्वपूर्ण है:

  • वन रक्षकों के बलिदान को याद करने के लिए
  • वनों के संरक्षण के महत्व को उजागर करने के लिए
  • पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए