जशपुर में सरकार की आवास योजना से 97 हजार से अधिक परिवारों को मिला स्थायी निवास

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना और पीएम-जनमन अभियान के तहत 97 हजार से अधिक परिवारों को पक्के मकान मिले हैं। इन योजनाओं से न केवल सुरक्षित आवास मिला है, बल्कि स्वच्छ पेयजल, बिजली और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ हजारों परिवारों के जीवन में खुशहाली और स्थिरता आई है। आवास प्लस 2.0 के तहत छूटे हुए 1 लाख से अधिक परिवारों का भी सर्वेक्षण किया गया है, जिन्हें जल्द ही लाभ मिलेगा।

जशपुरनगर, 24 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में जशपुर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना ने हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। इस योजना के माध्यम से जिले के 97 हजार 165 से अधिक परिवारों को पक्के मकान मिले हैं, जिससे वर्षों से कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों का सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने का सपना साकार हुआ है। यह उपलब्धि आवासहीन और जरूरतमंद परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

प्रधानमंत्री आवास योजना का मुख्य उद्देश्य पात्र परिवारों को सुरक्षित और बेहतर जीवन के लिए पक्का मकान उपलब्ध कराना है। जशपुर जिले में अब तक कुल 1 लाख 12 हजार 922 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 97 हजार 165 आवास पूर्ण हो चुके हैं। इन पक्के मकानों के साथ-साथ स्वच्छ पेयजल, बिजली, शौचालय और एलपीजी जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता ने भी परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

वर्षों तक अभावों के बीच जीवन बिताने वाले परिवारों के लिए पक्का मकान किसी सपने से कम नहीं था। कच्चे मकानों की कमजोर दीवारें और जर्जर छतें बारिश के दिनों में घरों में पानी भर जाने, घरेलू सामान के भीगने और रातभर जागकर समय बिताने जैसी परेशानियों का कारण बनती थीं। प्रधानमंत्री आवास योजना ने इन परिवारों को सुरक्षित आशियाना देकर उनके जीवन में खुशहाली और स्थिरता लाने का काम किया है, जिससे वे अपने प्रियजनों के साथ सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) ने भी गरीब, जरूरतमंद और विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराकर उनके जीवन में नई उम्मीद जगाई है। वर्ष 2023 से 2025 के दौरान इस योजना के तहत जशपुर जिले में 2,113 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 1,626 से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। इस योजना से विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों, जैसे पहाड़ी कोरवा समुदाय के परिवारों को सुरक्षित आवास मिला है, जिससे उनके जीवन में स्थिरता आई है और उन्हें मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों से बेहतर सुरक्षा मिल रही है।

पीएम-जनमन योजना का उद्देश्य केवल आवास प्रदान करना नहीं है, बल्कि विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के परिवारों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। इसके अंतर्गत सुरक्षित आवास के साथ स्वच्छ पेयजल, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, पोषण, सड़क एवं दूरसंचार कनेक्टिविटी और स्थायी आजीविका के अवसरों पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इस पहल से जनजातीय परिवारों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ उनके जीवन स्तर में सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे वे अपने भविष्य को लेकर अधिक आश्वस्त हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप, जशपुर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के दायरे से छूटे हुए परिवारों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से आवास प्लस 2.0 के तहत एक व्यापक सर्वेक्षण किया गया है। इस सर्वेक्षण में 1 लाख 2 हजार 371 परिवारों का पुनः आकलन किया गया है। इन परिवारों को निर्धारित पात्रता एवं शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार योजना का लाभ दिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि कोई भी पात्र परिवार पक्के मकान के लाभ से वंचित न रहे।

प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम-जनमन और आवास प्लस 2.0 जैसी योजनाओं के माध्यम से जशपुर जिले में जरूरतमंद परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इन पहलों से न केवल परिवारों को सुरक्षित आवास मिल रहा है, बल्कि उनके जीवन में सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की उम्मीद भी मजबूत हो रही है, जो छत्तीसगढ़ शासन की संवेदनशील पहल को दर्शाता है।