छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में एक सराफा कारोबारी को निशाना बनाते हुए लगभग 50 लाख रुपए की बड़ी लूट को अंजाम दिया गया है। यह घटना मंगलवार की शाम को उस समय हुई जब कारोबारी साप्ताहिक बाजार से लौट रहे थे। बदमाशों ने उन्हें रास्ते में रोककर मारपीट की और कीमती गहनों तथा नकदी से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। इस वारदात ने इलाके में सनसनी फैला दी है और पुलिस ने आरोपियों की तलाश में विशेष टीमें गठित की हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, सराफा कारोबारी वेदप्रकाश सोनी अपने सहयोगी नरेंद्र पाटस्कर के साथ दलदली के साप्ताहिक बाजार से लौट रहे थे। उन्होंने शाम 5 बजकर 35 मिनट पर बाजार से प्रस्थान किया था। लगभग 25 मिनट बाद, शाम 6 बजे, वे तरेगांव जंगल थाने के पास से गुजरे। इसके लगभग एक घंटे बाद, यानी शाम 7 बजे के आसपास, जब वे ग्राम दुर्जनपुर में एक मंदिर के पास पहुंचे, तभी दो मोटरसाइकिलों पर सवार छह अज्ञात बदमाशों ने उन्हें घेर लिया।
बदमाशों ने कारोबारी वेदप्रकाश सोनी और उनके साथी को जबरन रोका और उन पर हमला कर दिया। इस दौरान बदमाशों ने उनके साथ मारपीट भी की। मारपीट के बाद, लुटेरों ने वेदप्रकाश सोनी के पास मौजूद ज्वेलरी से भरा बैग छीन लिया। हालांकि, लूट के दौरान बैग का पट्टा कारोबारी के हाथ में ही रह गया, लेकिन बदमाश बैग लेकर भागने में सफल रहे।

वेदप्रकाश सोनी ने पुलिस को बताया कि लूटे गए बैग में भारी मात्रा में कीमती सामान मौजूद था। उनके अनुसार, बैग में लगभग 15 किलोग्राम चांदी के गहने, 10 से 15 ग्राम सोने के गहने और 1.50 लाख रुपए नकद रखे हुए थे। कारोबारी ने लूटे गए इन सभी सामानों की कुल कीमत लगभग 50 लाख रुपए आंकी है, जो इस लूट को एक बड़ी वारदात बनाती है।
घटना की सूचना मिलते ही कबीरधाम पुलिस तत्काल हरकत में आ गई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आरोपियों की तलाश के लिए व्यापक अभियान शुरू किया गया है। कबीरधाम पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए साइबर थाना सहित तीन अन्य थानों की एक विशेष टीम का गठन किया है। यह टीम आरोपियों की पहचान करने और उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए विभिन्न पहलुओं पर काम कर रही है। तरेगांव जंगल पुलिस भी इस मामले की गहनता से जांच में जुटी हुई है।
इस संबंध में एसडीओपी अखिलेश कौशिक ने जानकारी देते हुए बताया कि सराफा कारोबारी से हुई लूट के मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। उन्होंने पुष्टि की कि आरोपियों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। एसडीओपी कौशिक ने यह भी बताया कि मामले की जांच के लिए बनाई गई विशेष टीम अलग-अलग कोणों से जांच कर रही है ताकि जल्द से जल्द अपराधियों को कानून के शिकंजे में लाया जा सके।
