छत्तीसगढ़ के दुर्ग में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने तड़के बड़ी कार्रवाई करते हुए ट्रांसपोर्ट कारोबारी गुलशन बघेल के ठिकानों पर दबिश दी है। ईडी की टीम ने गुलशन बघेल के निवास स्थान, जो कि ऋषभ ग्रीन सिटी की सातवीं मंजिल पर स्थित है, और उनके बघेल कॉर्पोरेट के दफ्तर पर छापा मारा। इस अचानक हुई कार्रवाई से पूरे दुर्ग शहर में हड़कंप मच गया और इलाके में बड़ी हलचल देखने को मिली।

गुलशन बघेल दुर्ग के ऋषभ ग्रीन सिटी में रहते हैं, जिसे शहर की पॉश कॉलोनियों में गिना जाता है। वह बघेल कॉर्पोरेट प्राइवेट लिमिटेड नाम से एक कंपनी का संचालन करते हैं और बड़े पैमाने पर ट्रांसपोर्ट के कारोबार से भी जुड़े हुए हैं। ईडी की टीम ने उनके व्यावसायिक ठिकानों और घर पर एक साथ जांच शुरू की है, जिससे उनके व्यापारिक गतिविधियों की गहन पड़ताल की जा रही है।
ईडी की टीम ने सुबह-सुबह दुर्ग के ऋषभ ग्रीन सिटी परिसर में दस्तक दी और पहुंचते ही पूरे परिसर को अपनी निगरानी में ले लिया। अधिकारियों ने घर के अंदर मौजूद सभी दस्तावेजों की बारीकी से जांच शुरू कर दी है। इस दौरान किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है, ताकि जांच प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।

कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और जांच प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस की मदद से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। परिसर के चारों ओर पुलिस बल तैनात किया गया है, जिससे इलाके में तनाव का माहौल है और लोग इस कार्रवाई के बारे में जानने को उत्सुक हैं।
गुलशन बघेल का व्यापारिक नेटवर्क काफी फैला हुआ माना जाता है। उनकी कंपनी बघेल कॉर्पोरेट प्राइवेट लिमिटेड के अलावा, वे बड़े पैमाने पर ट्रांसपोर्ट सेक्टर में भी सक्रिय हैं। जांच टीम उनके वित्तीय दस्तावेजों और अन्य व्यावसायिक ठिकानों से संबंधित जानकारी भी जुटा रही है, जिसमें उनके व्यापारिक लेनदेन का विस्तृत विश्लेषण शामिल है।
फिलहाल, प्रवर्तन निदेशालय की ओर से इस कार्रवाई के संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अधिकारी किस विशिष्ट मामले की जांच कर रहे हैं, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। ईडी की टीम ने जांच की गोपनीयता बनाए रखी है और मीडिया से दूरी बनाए हुए है।
सूत्रों के अनुसार, यह मामला वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा हो सकता है, लेकिन इसकी किसी भी आधिकारिक पुष्टि का अभी इंतजार किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो सकेगी और कार्रवाई की वास्तविक वजह सामने आ पाएगी।
