छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की जिला पंचायत सदस्य और आदिवासी नेत्री आशिका कुजूर को झारखंड की राजधानी रांची में आयोजित एक सम्मान समारोह में सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें सार्वजनिक जीवन और सामाजिक-राजनीतिक क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।


झारखंड प्रदेश राजीव गांधी विचार समिति के तत्वावधान में शनिवार को पुराना विधानसभा सभागार में ‘राजीव गांधी एवं 21वीं सदी’ विषय पर एक सेमिनार और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था। इसी कार्यक्रम में आशिका कुजूर को यह गौरव प्राप्त हुआ, जो छत्तीसगढ़ के लिए भी गर्व का विषय रहा।

आशिका कुजूर जशपुर जिले के आदिवासी अंचल से आती हैं और जिला पंचायत सदस्य के रूप में ग्रामीण विकास, जनसमस्याओं तथा आदिवासी समाज के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर सक्रियता से काम करती हैं। वे राष्ट्रीय स्तर पर भी आदिवासी समाज और युवाओं से जुड़े विषयों पर संगठनात्मक भूमिका निभा रही हैं।

सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश तथा अति विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता झारखंड प्रदेश राजीव गांधी विचार समिति के अध्यक्ष हृदयानंद मिश्र एडवोकेट ने की, जबकि स्वागताध्यक्ष रामदेव प्रसाद यादव एडवोकेट थे।
इस अवसर पर झारखंड प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रमा खलखो, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की, विधायक रामचंद्र सिंह तथा प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद सहित अनंत कुमार सिंह उर्फ छोटू सिंह, राखी प्रियदर्शनी, विनोद उदयपुरी, जतरु उरांव, गणेश रवि, कुमुदिनी प्रभावती, राज राजेंद्र प्रताप देव और सुमन तिर्की सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

सेमिनार में राजीव गांधी के आधुनिक, वैज्ञानिक एवं तकनीकी रूप से सशक्त भारत के दृष्टिकोण, सूचना क्रांति, पंचायती राज व्यवस्था, युवा मताधिकार, लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण, सामाजिक न्याय और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर गहन विचार-विमर्श हुआ। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि 21वीं सदी के भारत के निर्माण में राजीव गांधी की दूरदृष्टि और उनके विचार आज भी अत्यंत प्रासंगिक हैं।
समारोह में चिकित्सा, शिक्षा, राजनीति, सामाजिक सेवा, कला एवं संस्कृति सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। इसी कड़ी में जशपुर की आशिका कुजूर को मिला सम्मान उनके कार्यों की पहचान और छत्तीसगढ़ के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

