छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में स्थित ठेमली गांव के स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों ने अपने अधूरे स्कूल भवन के निर्माण को पूरा कराने की मांग को लेकर एक अनोखा प्रदर्शन किया। बारिश के मौसम के बावजूद, पहली से पांचवीं तक के छात्र और उनके माता-पिता लगभग 15 किलोमीटर पैदल चलकर मैनपुर पहुंचे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी मांग रखी और अधूरे पड़े स्कूल भवन के निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने की अपील की।

ठेमली, जो ग्राम पंचायत बोईरगांव का आश्रित गांव है, वहां के सरकारी स्कूल में वर्तमान में 30 से अधिक बच्चे एक ही कमरे में बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। स्कूल के लिए अतिरिक्त कमरे का निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा है, जिसके कारण छात्रों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति बच्चों की शिक्षा पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है और उन्हें उचित शैक्षणिक माहौल नहीं मिल पा रहा है।
मैनपुर जनपद सदस्य सुखचंद ध्रुव ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण के लिए 8 लाख 32 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। उन्होंने यह भी बताया कि निर्माण कार्य के लिए आवश्यक राशि भी निकाल ली गई थी, लेकिन इसके बावजूद काम पूरा नहीं हो सका। अभिभावकों का आरोप है कि 8.32 लाख रुपये की लागत से बनने वाले क्लासरूम के लिए ठेकेदार को लगभग 80 प्रतिशत राशि का भुगतान किया जा चुका है, जबकि निर्माण कार्य 20 प्रतिशत भी पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने इस पूरे मामले में गंभीर गड़बड़ी का आरोप लगाया है।

ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि वे स्कूल भवन निर्माण को पूरा कराने के लिए कई बार मांग कर चुके हैं। उन्होंने सरकार के विभिन्न जनसंपर्क कार्यक्रमों में भी आवेदन दिए हैं और अपनी समस्या से अधिकारियों को अवगत कराया है, लेकिन अब तक उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं निकल पाया है। इस अनदेखी के कारण बच्चों को लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है।
अपनी मांगों को लेकर बच्चे और ग्रामीण बारिश के बीच 15 किलोमीटर पैदल चलकर मैनपुर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले बीईओ कार्यालय का घेराव किया और अधिकारियों से अपनी समस्या बताई। यहां अधिकारियों से आश्वासन मिलने के बाद वे एसडीएम कार्यालय पहुंचे और वहां भी अपनी बात रखी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पुलिस बल भी तैनात किया गया था। बच्चों के साथ आए अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों के साथ कई दौर की बातचीत की।
अधिकारियों से आश्वासन मिलने के बाद बच्चों ने घेराव खत्म कर दिया और वापस लौट गए। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि स्कूल भवन का निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया, तो वे स्कूल नहीं जाएंगे और पढ़ाई का बहिष्कार करेंगे। यह चेतावनी प्रशासन पर जल्द कार्रवाई करने का दबाव बनाती है।
जानकारी के अनुसार, मैनपुर ब्लॉक में स्कूल जतन योजना के तहत कई निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं। इस योजना के तहत ट्राइबल विभाग को निर्माण एजेंसी बनाया गया था और विभाग को शिक्षा विभाग से इन कार्यों के लिए 6 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हुई थी। बताया गया है कि मैनपुर ब्लॉक में कुल 114 निर्माण कार्यों में से 97 कार्य अभी भी अधूरे हैं। इनमें 14 शौचालय निर्माण के काम भी शामिल हैं, जो बच्चों के लिए मूलभूत सुविधाओं का अभाव दर्शाते हैं। ठेमली के अतिरिक्त कक्ष के लिए स्वीकृत 8 लाख 32 हजार रुपये के मामले में भी यही दावा किया गया है कि ठेकेदार को लगभग 80 प्रतिशत राशि का भुगतान हो चुका है, लेकिन निर्माण का 20 प्रतिशत काम भी पूरा नहीं हुआ है।
ट्राइबल विभाग के सहायक आयुक्त लोकेश्वर पटेल ने इस संबंध में बताया कि अधूरे निर्माण कार्यों की सूची तैयार करने के बाद कार्रवाई और राशि की वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ ठेकेदारों के खिलाफ आरसीसी (राजस्व वसूली प्रमाण पत्र) भी दर्ज किया गया है। पटेल ने आश्वासन दिया कि कलेक्टर के मार्गदर्शन में आगे भी इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी, ताकि अधूरे पड़े निर्माण कार्यों को पूरा किया जा सके और अनियमितताओं पर अंकुश लगाया जा सके।
