छत्तीसगढ़ में पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में उठे भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के व्यापक असर के कारण मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सूरजपुर दौरा रद्द कर दिया गया। खराब मौसम और कई स्थानों पर हो रही तेज बारिश के चलते मुख्यमंत्री आज सूरजपुर के लिए उड़ान नहीं भर सके। इसके बावजूद, मुख्यमंत्री साय ने सूरजपुर जिले के प्रेमनगर में आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल होकर क्षेत्र को 208 करोड़ 20 लाख रुपये के विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान 208 करोड़ 20 लाख रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास किया और 2 करोड़ 45 लाख रुपये के पूर्ण हो चुके कार्यों का लोकार्पण भी किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और कृषि मंत्री रामविचार नेताम भी वर्चुअल माध्यम से जुड़े। इन सभी ने प्रेमनगर में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से क्षेत्र के विकास को गति देने वाले कार्यों की सौगात दी।
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में उठा यह चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ अत्यंत भीषण है। यह तूफान 125 से 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के साथ आंध्र प्रदेश के बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तट को पार करने की संभावना है। इस शक्तिशाली तूफान का असर छत्तीसगढ़ में भी स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है, जहां आज सुबह से ही कई जगहों पर तेज बारिश हो रही है।

चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में 28 और 29 अक्टूबर को भारी से अतिभारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में 115.5 मिमी से 204.5 मिमी तक की वर्षा का अनुमान लगाया है। इस प्रतिकूल मौसम के कारण ही मुख्यमंत्री साय को अपना सूरजपुर दौरा रद्द करना पड़ा, क्योंकि मौसम में आए बदलाव की वजह से उनकी उड़ान संभव नहीं हो पाई।
विशेष रूप से बस्तर संभाग के जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है, जहां चक्रवाती तूफान का सबसे अधिक प्रभाव पड़ने की आशंका है। बस्तर संभाग में 204 मिमी से अधिक की सीमांत वर्षा और लगभग 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। ऐसी स्थिति में जनजीवन के प्रभावित होने की भी आशंका जताई गई है, जिसके मद्देनजर प्रशासन द्वारा आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
चक्रवाती तूफान और भारी बारिश की आशंका को देखते हुए गरियाबंद जिले में भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, गरियाबंद जिले के सभी स्कूलों में 28 अक्टूबर, बुधवार को एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है। यह आदेश जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी किया गया है, जो बंगाल की खाड़ी के ऊपर बन रहे चक्रवाती तूफान और अतिवृष्टि की आशंका के मद्देनजर कलेक्टर के निर्देश पर लिया गया निर्णय है।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से 27 अक्टूबर को जारी आदेश के अनुसार, जिले के सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाईस्कूल तथा हायर सेकेंडरी विद्यालय 28 अक्टूबर को बंद रहेंगे। इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है और इसकी सूचना सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों और विद्यालय प्रमुखों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई है, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
