राज्य के विकास और कल्याण पर केंद्रित कैबिनेट बैठक, धान खरीदी-डीए मुख्य एजेंडे में

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास में शुरू हो गई है। इस बैठक में धान खरीदी की नीति पर मुहर लगने, कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) पर निर्णय और राज्योत्सव की तैयारियों पर चर्चा होने की संभावना है। लाखों कर्मचारियों की निगाहें इस बैठक पर टिकी हैं, क्योंकि उन्हें अपने हितों से जुड़े बड़े फैसलों की उम्मीद है। धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होकर 31 जनवरी 2027 तक चलेगी, जिसकी नीति पर भी आज फैसला हो सकता है।

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास में शुरू हो गई है। इस अहम बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जा रही है और बड़े फैसले लिए जाने की संभावना है। बैठक के मुख्य एजेंडों में धान खरीदी नीति, राज्य के लाखों कर्मचारियों से जुड़े मुद्दे और आगामी राज्योत्सव की तैयारियों की समीक्षा शामिल है।

कैबिनेट की इस बैठक में धान खरीदी की नई नीति पर अंतिम मुहर लगने की उम्मीद है। इस नीति के तहत धान खरीदी केंद्रों की संख्या में वृद्धि करने का प्रस्ताव है, जिससे किसानों को सुविधा मिल सके। इसके अतिरिक्त, प्रति क्विंटल धान की खरीदी की मात्रा और प्रति क्विंटल धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य भी इसी नीति के माध्यम से निर्धारित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पहले ही घोषणा की है कि राज्य में धान की खरीदी 15 नवंबर से शुरू होगी और यह प्रक्रिया 31 जनवरी 2027 तक जारी रहेगी।

दीपावली से ठीक पहले हो रही इस कैबिनेट बैठक पर राज्य के लाखों कर्मचारियों की निगाहें टिकी हुई हैं। कर्मचारियों को यह उम्मीद है कि कैबिनेट में उनके हितों से जुड़े बड़े और महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। राज्य के कर्मचारी लंबे समय से केंद्र सरकार के समान महंगाई भत्ता (डीए) दिए जाने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा, विभिन्न कर्मचारी संघों की कई अन्य महत्वपूर्ण मांगें भी शासन स्तर पर लंबित हैं, जिन पर इस बैठक में विचार किया जा सकता है।

बैठक में 1 नवंबर से शुरू होने वाले राज्योत्सव की तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा की जा रही है। इस दौरान राज्योत्सव के उद्घाटन सत्र, प्रतिष्ठित राज्य अलंकरण समारोह और समापन समारोह की विस्तृत रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जा सकता है। इन चर्चाओं का उद्देश्य राज्योत्सव को भव्य और सफल बनाना है।

यह उल्लेखनीय है कि इससे पहले कैबिनेट की बैठक 11 अक्टूबर को आयोजित की गई थी। उस बैठक में एक महत्वपूर्ण अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया गया था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में निरंतर 25 वर्ष पूर्ण होने पर उन्हें बधाई दी गई थी। वर्तमान बैठक में जनहित से जुड़े अन्य कई मुद्दों पर भी फैसले होने की संभावना है, जो राज्य के विकास और नागरिकों के कल्याण से संबंधित हैं।