छात्रावास अधीक्षकों को बजट की कमी, पदोन्नति और तकनीकी सुविधाओं के अभाव जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अपनी मांगों को लेकर शासन और संचालनालय स्तर पर कई बार पत्राचार और बैठकों के बावजूद स्थायी समाधान न मिलने से नाराज अधीक्षकों ने अब आंदोलन का रास्ता अपनाया है। इसी कड़ी में, 12 नवंबर को प्रदेशव्यापी सांकेतिक हड़ताल की जाएगी, जिसके बाद भी यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है।

संघ ने छात्रावासों के संचालन के लिए पर्याप्त बजट नहीं मिलने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया है। अधीक्षकों का दावा है कि बर्तन, सफाई सामग्री, विद्यार्थियों की दवाइयां, प्राथमिक उपचार, राष्ट्रीय पर्वों और राज्योत्सव के आयोजन, राशन परिवहन तथा अन्य जरूरी खर्चों के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं कराई जाती है। बजट की इस कमी के कारण कई बार अधीक्षकों को अपनी जेब से खर्च करने को मजबूर होना पड़ता है।
बजट के अलावा, शासकीय कार्यों के लिए नियमानुसार यात्रा भत्ता (TA) देने की मांग भी की गई है। अधीक्षकों का कहना है कि एक तरफ उनसे छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा, भोजन, स्वास्थ्य और व्यवस्था की चौबीसों घंटे जिम्मेदारी निभाने की अपेक्षा की जाती है, वहीं दूसरी तरफ पदोन्नति, बजट और तकनीकी सुविधाओं के मोर्चे पर लगातार समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

संघ ने बताया है कि अपनी समस्याओं को लेकर शासन और संचालनालय स्तर पर कई बार पत्राचार किया गया और अधिकारियों के साथ बैठकें भी की गईं। हालांकि, इन प्रयासों के बावजूद समस्याओं का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया, जिससे अधीक्षकों में गहरा असंतोष है।
इसी असंतोष के चलते, संघ ने 12 नवंबर को सांकेतिक हड़ताल का आह्वान किया है। संघ का कहना है कि यह हड़ताल सरकार के लिए आखिरी चेतावनी नहीं, बल्कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने का एक अवसर है। यदि सरकार ने समय रहते उनकी मांगों का समाधान नहीं किया, तो संघ आंदोलन को प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल तक ले जाने से पीछे नहीं हटेगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संघ के प्रांतीय अध्यक्ष उदेश सिंह तोमर, उपाध्यक्ष पल्लव झा, सचिव विनय कुमार टण्डन और कोषाध्यक्ष आशीष साहू मौजूद रहे। इनके साथ ही, जशपुर जिला इकाई के अध्यक्ष खगेन्द्र कुमार चौहान, उपाध्यक्ष विनोद कुमार प्रजा, सचिव मुकेश राम बेसरा और कोषाध्यक्ष सज्जन कुमार डहरिया समेत बड़ी संख्या में संघ के पदाधिकारी और छात्रावास अधीक्षक उपस्थित थे।
